राजेश ने लगभग दस साल पहले गाँव छोड़ा था और अब उसने शहर में एक बड़ा फ्लैट लिया है। उसके पिता मिलने आए, लेकिन राजेश की पत्नी शोभा ने उन्हें ठीक से स्वागत नहीं किया। कुछ दिनों बाद, पिता ने गाँव लौटने का मन बना लिया, और राजेश ने भी उन्हें जाने के लिए कहा। पिता के जाने के बाद, राजेश ने फोन पर उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन समय के साथ यह सिलसिला कम होता गया। चार साल बाद, राजेश अपने बेटे ध्रुव के जन्मदिन की तैयारी में व्यस्त हो गया। एक रात, वह बचपन की यादों में खो गया और अपने पुराने गाँव में पहुँच गया। वहाँ उसने देखा कि उसका घर सजाया गया है, जैसे कोई उत्सव मनाया जा रहा हो। घर के अंदर फूलों की माला, गुब्बारे और रंग-बिरंगी झालरें थीं। अचानक उसकी माँ और पिता की तस्वीरें फ्रेम से बाहर आ गईं, और माँ ने पिता को बुलाया। यह सब देखकर राजेश को अपने बचपन की याद आ गई। Photo Frame Devendra Gupta द्वारा हिंदी लघुकथा 4.9k 2.7k Downloads 12.2k Views Writen by Devendra Gupta Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण A MAN WHO REALIZE HER MOTHER S ENDLESS LOVE AFTER THREE AND HALF DECADES OF HIS LIFE. IT CHANGE HIS MIND AND FUTURE GOAL. More Likes This मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी