एक गाँव में दीनानाथ नामक एक बूढ़ा आदमी रहता था, जिसके चार बेटे थे। दो बेटे शहर में रहते थे और दो गाँव में। बूढ़े पिता ने अपने बेटों के आग्रह के बावजूद गाँव का घर छोड़ने से इंकार कर दिया, क्योंकि वह अपनी पत्नी की यादों के साथ उस घर में खुश था। बूढ़े पिता की एक बुरी आदत थी कि वह शादी की दावतों में बिन बुलाए शामिल हो जाता था। उसकी इस आदत से उसके बेटों को शर्मिंदगी महसूस होने लगी, क्योंकि इससे उनके परिवार की बदनामी हो रही थी। बेटों ने एक बैठक में निर्णय लिया कि वे महीने में एक बार अपने पुराने घर में इकट्ठा होंगे और घर में ही दावत के लिए पकवान बनाएंगे, ताकि पिता संतुष्ट रहें और बिन बुलाए दावतों में जाने की जरूरत न पड़े। Bin Bulaya Mehman Dr Sunita द्वारा हिंदी लघुकथा 17.9k 9.1k Downloads 32.5k Views Writen by Dr Sunita Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण एक गाँव में एक बूढ़ा आदमी रहता था, दीनानाथ। उसके चार बेटे थे। चारों बेटों का विवाह हो चुका था। उनके भी छोटे-छोटे बच्चे थे। दो बेटे शहर में नौकरी करते थे और उनका परिवार भी वहीं उनके साथ ही रहता था। दो बेटे गाँव में ही थे। उन्होंने विवाह के बाद अपने-अपने नए और बड़े मकान बना लिए थे और वे उनमें रहते थे। इन दोनों बेटों ने अपने अकेले पिता को अपने साथ रहने का आग्रह किया। More Likes This कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1 द्वारा Kajal Soam किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी