parajay Priya Vachhani द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

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Priya Vachhani द्वारा हिंदी लघुकथा

ढलती हुई धूप और आती हुई रात के मध्य ,सुहानी सी मनभाती हुई शाम , अपने-अपने घरौंदो में लौटते हुए पंछी ,टिमटिमाने को आतुर तारे , चाँद अपनी चाँदनी बिखेरने को बेचैन ,और मैं गरम चाय की प्याली अपने ...और पढ़े