मुसाफिर बैठा एक कवि और लेखक हैं, जिनका जन्म 5 जून, 1968 को बिहार के सीतामढ़ी जिले के एक दलित परिवार में हुआ। उनके माता-पिता अक्षरवंचित थे और उनका जीविकोपार्जन कपड़ा धुलाई से होता था। मुसाफिर ने पटना विश्वविद्यालय से हिन्दी दलित आत्मकथा में पी-एच. डी. की है और विभिन्न विषयों में स्नातकोत्तर और डिप्लोमा प्राप्त किए हैं। वर्तमान में, वे एक सरकारी संस्था की प्रकाशन शाखा में काम कर रहे हैं और पहले विभिन्न बैंकों और शिक्षा विभाग में कार्य कर चुके हैं। उनकी रचनात्मकता में कविताएं, लघुकथाएं, कहानियां, आलेख, निबंध आदि शामिल हैं, जो प्रमुख पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्होंने "आद्री" और "दीपायतन" जैसी संस्थाओं की कार्यशालाओं में भी भाग लिया है और कई किताबें लिखी हैं, जिनमें अनुवाद और आलोचना शामिल है। उन्होंने बिहार राष्ट्रभाषा परिषद से नवोदित साहित्यकार पुरस्कार प्राप्त किया है और उनके कई लेखों को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिले हैं। उनकी कविता "बिटिया की जन्मकथा" में, वे अपनी पहली संतान के जन्म के अनुभव को साझा करते हैं। उस समय वे अपनी नई नौकरी में व्यस्त थे और घर से दूर थे, जिससे उन्हें अपने बच्चे के जन्म का पता काफी देर से चला। उन्होंने इस खुशी के साथ-साथ अपने भावनाओं और चिंताओं को भी व्यक्त किया है। मुसाफ़िर बैठा की कविताएँ उर्फ़ न पढ़ोगे तो खोओगे Dr Musafir Baitha द्वारा हिंदी कविता 6.4k 4.1k Downloads 13.6k Views Writen by Dr Musafir Baitha Category कविता पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कविताएँ जो आपको अपनी लग सकती हैं! हर दिल को छू सकने में सक्षम रचनाएं, बिना लाग-लपेट की सुख, दुख, प्रेम, विषाद एवं आक्रोश की अभिव्यक्ति। एक बार इन कविताओं को पढ़कर देखें। जीवन के विविध रंग, जो मेरे, आपके, सबके दैनिक कार्यकलाप को छूने वाले हो सकते हैं। ढूंढिए क्या कुछ यहाँ आपके जीवन-व्यापारों से मिलता है, आपकी सोच से मिलता अथवा टकराता चलता है!!! More Likes This जिंदगी संघर्ष से सुकून तक कविताएं - 1 द्वारा Kuldeep Singh पर्यावरण पर गीत – हरा-भरा रखो ये जग सारा द्वारा Poonam Kumari My Shayari Book - 2 द्वारा Roshan baiplawat मेरे शब्द ( संग्रह ) द्वारा Apurv Adarsh स्याही के शब्द - 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik अदृश्य त्याग अर्धांगिनी - 1 द्वारा archana ग़ज़ल - सहारा में चल के देखते हैं - प्रस्तावना द्वारा alka agrwal raj अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी