यह कहानी उपभोक्तावाद और परिवार के बीच के संबंधों पर प्रकाश डालती है। एक भारतीय मां ने संपत्ति के लिए अपने बेटे की हत्या कर दी, जिससे मीडिया को इस घटना के पीछे की संभावित कहानी की तलाश करनी पड़ी। भारतीय समाज में यौन शुचिता और चरित्र को समान माना जाता है, और यदि मां 'सचरित्र' पाई जाती है, तो मीडिया के पास मौन रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता। 1990 के दशक से भारतीय समाज में तेजी से परिवर्तन हो रहा है, जो मुख्यतः आर्थिक कारणों से है। हालांकि, परिवार की मूल संरचना अप्रभावित रही है। उपभोक्तावाद पारंपरिक परिवारों पर गंभीर प्रहार कर रहा है, जिसके कारण माता-पिता और संतान के रिश्ते बिगड़ते जा रहे हैं। कहानी में एक उदाहरण दिया गया है, जहां एक सरकारी कर्मचारी के बेटे ने आत्महत्या की, जो उपभोक्तावाद और नई इच्छाओं के दबाव के कारण हुआ। यह सब दर्शाता है कि कैसे उपभोक्तावाद भारतीय परिवारों की संरचना को प्रभावित कर रहा है और इसके दुष्परिणामों को नियंत्रित करने की आवश्यकता है। उपभोक्तावाद और परिवार Pramod Ranjan द्वारा हिंदी पत्रिका 1.1k 2.4k Downloads 11k Views Writen by Pramod Ranjan Category पत्रिका पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण एक भारतीय मां ने संपत्ति के लिए जवान पुत़्र की हत्या कर दी!! पिछले दिनों पटना से निकली इस खबर को तर्कसंगत बनाने के लिए मीडिया को मां के अवैध प्रेम संबंध की तलाश करनी होगी या फिर पुत्र के दुष्चरित्र होने की उपकथा ढूंढनी होगी। .... उपभोक्तावाद अब भारतीय परिवारों के सामंती दरवाजों पर अपने जूतों से ठोकर मार रहा है। मूल्य दरक रहे हैं और अजीबो-गरीब लगने वाली घटनाएं घट रही हैं। 'सचरित्र` हत्यारिन मां या 'दुष्चरित्र` मटुकनाथों की अपवाद लगने वाली घटनाएं इस विध्वंस के आरंभिक संकेत हैं। उपभोक्तावाद परिवार की सामंती संरचना पर मर्मांतक प्रहार कर रहा है। पढिए, एक विचारोत्तेजक लेख। More Likes This Star Sentinals - 1 द्वारा Ravi Bhanushali Vulture - 1 द्वारा Ravi Bhanushali नेहरू फाइल्स - भूल-85 द्वारा Rachel Abraham इतना तो चलता है - 3 द्वारा Komal Mehta जब पहाड़ रो पड़े - 1 द्वारा DHIRENDRA SINGH BISHT DHiR कल्पतरु - ज्ञान की छाया - 1 द्वारा संदीप सिंह (ईशू) नव कलेंडर वर्ष-2025 - भाग 1 द्वारा nand lal mani tripathi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी