इस लेख में प्रमोद रंजन ने समकालीन हिन्दी कविता, विशेषकर बिहार के कवियों की राजनीतिक प्रवृतियों का विश्लेषण किया है। उन्होंने साहित्य की गहराई को समझने के लिए मुक्तिबोध द्वारा दी गई आलोचनात्मक कसौटी का उल्लेख किया है, जिसमें साहित्य के सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक पहलुओं पर विचार किया गया है। रंजन का यह तर्क है कि बिहार की हिन्दी कविता को अन्य प्रांतों से अलग करके समझना उचित नहीं है, बल्कि इसे एक सन्दर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने नागार्जुन, अरुण कमल, मदन कश्यप और संजय कुंदन जैसे कवियों का नाम लेते हुए कहा कि नागार्जुन की काव्य-संवेदना सबसे प्रगतिशील मानी जाती है। उन्होंने 1974 के जेपी आंदोलन के दौरान सत्ता की आलोचना करते हुए राजनीतिक कविताएं लिखीं। लेख में यह भी बताया गया है कि कैसे अरुण कमल ने सत्ता के प्रति तीखा रुख अपनाया और जनता के पक्ष में अपनी आवाज उठाई। इस प्रकार, प्रमोद रंजन ने बिहार की समकालीन हिन्दी कविता के राजनीतिक संदर्भों को समझने का प्रयास किया है और साहित्य के सामाजिक प्रभाव को रेखांकित किया है। आज के तुलसीगण Pramod Ranjan द्वारा हिंदी पत्रिका 5.8k 2.7k Downloads 9.7k Views Writen by Pramod Ranjan Category पत्रिका पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण उत्तर भारत में पहली बार समाज के कुछ पिछड़े सामाजिक समूहों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गयी। तब साहित्य अकादमी से पुरस्कृत कवि अरुण कमल ने लिखा 'फेंका है उन्होंने रोटी का टुकड़ा और टूट पड़े गली के भूखे कुत्ते'। इस कविता में वे गली का कुत्ता ओबीसी और दलित समुदायों को कहतेहैं। हिंदी के समकालीन परिदृश्य में कई ऐसे कवि हैं। यह लेख हिंदी साहित्य में व्याप्त ब्राह्मणवादी मानसिकता को उजागर करता है। More Likes This रेशमाई शहजादों - अग्नि परी - 1 द्वारा kanta Rajkumar - 2 द्वारा Ram Make Hero - 8 द्वारा Ram Make Star Sentinals - 1 द्वारा Ravi Bhanushali Vulture - 1 द्वारा Ravi Bhanushali नेहरू फाइल्स - भूल-85 द्वारा Rachel Abraham इतना तो चलता है - 3 द्वारा Komal Mehta अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी