गोदावरी, सूरज भैया की पत्नी, एक साल पहले की तुलना में आज बहुत आत्मविश्वास से भरपूर नजर आ रही थी। उसने अपनी डायरी मुझे देते हुए कहा कि मैं उसे पढ़ूं और जो ठीक समझूं, वो करूं। मैंने गोदावरी को उसके अवसाद से निकालने के लिए डायरी लिखने की सलाह दी थी, ताकि उसकी कहानी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बने। गोदावरी एक साधारण, कम पढ़ी-लिखी और चुप रहने वाली महिला थी। उसकी दिनचर्या में पूजा-पाठ का कोई स्थान नहीं था, और सूरज भैया को पार्टियों का शौक था। गोदावरी को अक्सर उनके तिरस्कार का सामना करना पड़ता था, लेकिन वह हमेशा चुप रहती थी। उसके परिवार में कई सदस्य थे, और वह घर की बड़ी बहू थी, जिसके कंधों पर कई जिम्मेदारियाँ थीं। गोदावरी की चुप्पी और उसके सहनशक्ति की प्रशंसा की गई, लेकिन यह भी स्पष्ट था कि उसे मान-सम्मान की आवश्यकता थी। सूरज भैया का राजनीतिक प्रभाव था, और वे अपने परिवार के अन्य सदस्यों को हीन समझते थे। इस प्रकार, गोदावरी की कहानी एक सशक्त महिला बनने की यात्रा है, जो अपने अनुभवों को साझा करके दूसरों के लिए प्रेरणा बनना चाहती है। साँझ में उगा सूरज Upasna Siag द्वारा हिंदी लघुकथा 2.5k 2.8k Downloads 9k Views Writen by Upasna Siag Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मुझे हमेशा से ही हैरानी होती रही है , क्या इंसानियत इतनी भी गिर सकती है...! तीन-तीन बेटे थे उनके किसी को भी दया नहीं आयी अपनी माँ पर , उनकी अपनी माँ जो घर का मुख्य स्तम्भ थी उसकी दुर्गति होती रही और वो देखते रहे ,जो सुनता वही उन पर लानत देता , माना बहुएं तो पराई थी पर बेटे तो उनके ही थे ...छि लानत है ऐसे बेटों पर। मुझे बहुत ही हिकारत सी होती उन तीनो पर। माँ आटा घोल कर पीती रही ,बेटे माल उड़ाते रहे। दिन-दिन उनकी हालत और भी खराब होती गयी। अब तो वो भैया को भी कमरे में आने नहीं देती थी तो भैया को तो पहले ही उनसे लगाव नहीं था, दूसरे कमरे में सोने लगे वो। एक दिन खबर मिली की भाभी लगभग मरणासन्न पड़ी थी अपने बिस्तर पर मल -मूत्र से भरी। फिर तो डॉक्टर के पास ले जाया गया ,इलाज़ भी हुआ। पर उनके मन की कोई भी सुनने वाला नहीं था। More Likes This तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal क्या सब ठीक है - 5 द्वारा Narayan Menariya बारह बरश का इंतज़ार - 1 द्वारा kusum kumari कालू की पहाड़ी - 1 द्वारा RAAHULL SHARMA अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी