यह कहानी दो दिलों की धड़कन के बारे में है जो अपनी-अपनी जॉब के कारण अलग-अलग रह रहे हैं। कहानी की मुख्य पात्र रीना है, जो माह के अंत में अपने मार्केटिंग टारगेट को पूरा कर पाने पर सुकून महसूस कर रही है। ऑफिस में उसके बॉस की उपस्थिति और बातचीत उसके मन में कई विचार लाती है। बॉस उससे कॉफी और सैंडविच के बारे में बात करता है, लेकिन रीना को यह सोचने पर मजबूर करता है कि बॉस हमेशा सॉफ्ट चीजें ही क्यों पसंद करते हैं। रीना अपने रूममेट से इस बारे में चर्चा करने की योजना बनाती है, और अपने खाने के बारे में सोचती है कि काश कुरकुरी आलू की भुजिया होती। अंत में, वह अपने काम के बाद ऑफिस से बाहर निकलती है, लेकिन उसे पता चलता है कि बाहर का आकाश उसके लिए अदृश्य है, क्योंकि ऑफिस का फॉल्स रूफिंग उसे देखने नहीं देता। यह कहानी जॉब और व्यक्तिगत जीवन के बीच के संघर्ष को दर्शाती है। टारगेट Nirmal Gupta द्वारा हिंदी लघुकथा 5.9k 1.9k Downloads 7.1k Views Writen by Nirmal Gupta Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अपने अपने जॉब के वजह से अलग अलग रह रहे दो दिलों की धड़कन की अपूर्व कहानी More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी