यह कहानी एक महिला की रोजमर्रा की जिंदगी का वर्णन करती है, जो ठंड के दिनों में अपने ऑफिस में काम करती है। ऑफिस में बिताए गए समय के दौरान, वह समय के बीतने का एहसास नहीं कर पाती और केवल घड़ी देखकर जान पाती है कि दिन बीत रहा है। अपनी लिपस्टिक और लिप ग्लॉस के जरिए खुद को सजाने के बाद, वह अपने काम में व्यस्त रहती है, जबकि ऑफिस का माहौल ठंडा और एकरस होता है। वह अपने परिवार, विशेषकर अपनी दादी और प्रेमी अभिषेक को याद करती है, लेकिन ऑफिस की जिम्मेदारियों के कारण उन्हें याद करने का समय नहीं मिल पाता। ऑफिस से घर की यात्रा के दौरान, मेट्रो में बैठी वह अभिषेक के साथ बिताए पलों को याद करती है और यात्रा को बोरिंग मानती है। इस प्रकार, कहानी में उसकी भावनाओं और दैनिक जीवन की चुनौतियों का समावेश है, जिसमें काम, परिवार और प्रेम के बीच की दूरी को दर्शाया गया है। एक विदेही का रोजनामचा Nirmal Gupta द्वारा हिंदी लघुकथा 2.5k 2.4k Downloads 7.2k Views Writen by Nirmal Gupta Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अकेलेपन से जूझती एक लड़की की मोहब्बत की दास्तान. More Likes This तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal क्या सब ठीक है - 5 द्वारा Narayan Menariya बारह बरश का इंतज़ार - 1 द्वारा kusum kumari कालू की पहाड़ी - 1 द्वारा RAAHULL SHARMA अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी