यह कहानी अगस्त के महीने की है जब लेखक का छोटा भाई अखिलेश अपनी पत्नी और तीन साल की बेटी सोनल के साथ जबलपुर आया। सभी बच्चे सोनल के साथ खेलने में व्यस्त थे। अखिलेश को अपने व्यवसाय से थोड़े दिन की छुट्टी मिली थी, और उसकी पत्नी सुनंदा ने डोंगरगढ़ जाने का प्रस्ताव रखा। सभी ने सहमति जताई, सिवाय लेखक के, जो चढ़ाई को लेकर चिंतित था। उसे देवी-देवताओं पर आस्था थी, लेकिन डोंगरगढ़ की कठिन चढ़ाई ने उसे डराया। लेखक के लिए यह यात्रा चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि वो एक नाजुक स्थिति में थे और पहले ही कठिन चढ़ाइयों का सामना कर चुके थे। आसपास चोपास - 3 हिंदी सत्य कथाएँ MB (Official) द्वारा हिंदी लघुकथा 727 3.3k Downloads 9.2k Views Writen by MB (Official) Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अनुक्रमणिका 1 - रोपवे - मनोज कुमार शुक्ल 2 - लाईक, कॉमेंट और शेयर - राजेश कुमार श्रीवास्तव 3 - लालच - प्रदीप मिश्र 4 - हन्ना घोड़ी - शहंशाह हुसैन Novels आसपास चोपास अनुक्रमणिका 1 - एक थी माया ....!!! - विजय कुमार 2 - एक रात - सोनु कसाना 3 - छोटी लड़की की सीख - Abhishek Hada 4 - जाने वाले ज़रा होशियार - डा. मुसाफ... More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी