यह कहानी एक वृद्ध कॉमरेड की है, जो अपने कमरे में एक घड़ा और लाल गिलास देखकर अपनी पत्नी मीता को याद करता है। घड़ा गांव से लाया गया है, जिसमें पानी से गांव की मिट्टी की गंध आती है। कॉमरेड के बेटे, जिसे वह छुटकू कहते हैं, ने कहा कि अब उन्हें फ्रिज का ठंडा पानी नहीं, बल्कि घड़े का पानी पीना चाहिए। कॉमरेड सोचते हैं कि अगर मीता होती, तो वह इस घड़े को इस तरह नहीं रखती, बल्कि उसे प्यार से संभालती। मीता की यादें उसे परेशान करती हैं क्योंकि वह अब नहीं है। कॉमरेड अपनी अकेलापन में खुद से बातें करते हैं और अपनी बीमारी के बारे में सोचते हैं। घड़ा पानी टपका रहा है, और कॉमरेड उस पानी में अपने गांव की गंध खोजते हैं, लेकिन वह नहीं मिलती। वह मीता को याद करते हैं, जो हमेशा चीजों को ढूंढने में मदद करती थीं। अंत में, वह सोचते हैं कि लाल सलाम कहने वाले लोग भी अब नहीं आते हैं, और वह मीता को वापस बुलाने की इच्छा करते हैं। यह कहानी अकेलेपन, यादों और खोने के भावनाओं की गहराई को दर्शाती है। खुशामदीद कॉमरेड ! Nirmal Gupta द्वारा हिंदी लघुकथा 1.5k 1.9k Downloads 10.6k Views Writen by Nirmal Gupta Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सिद्धांत और प्रेम के बीच द्वंद्व की मार्मिक कहानी. More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी