यह कहानी चंद्रचूड़जी की है, जो एक साधारण जीवन जीते हैं। उनका जीवन एक गरीब ब्राह्मण की तरह हो गया है, जब उन्हें अपने साले रितेश से एक विदेशी रेड वाइन की बोतल मिली। इस वाइन ने उनकी सोच और जीवन में बदलाव ला दिया। चंद्रचूड़जी की दिनचर्या नियमित थी, लेकिन परिवार में पिताजी के आकस्मिक निधन के बाद उनकी जिम्मेदारियां बढ़ गईं। उन्होंने उच्च शिक्षा का सपना छोड़कर नौकरी कर ली, जो उनकी मां की इच्छा के अनुसार सीतामढ़ी में थी। चंद्रचूड़जी ने शादी की, लेकिन उनका अकेलापन उनके जीवन में बदलाव लाने लगा। वह संतोष से जीवन जीने का सिद्धांत मानते हैं, जिसमें वह अपने से पीछे वालों को देखकर संतोष पाते हैं। लेकिन जब से रितेश ने विदेश से वाइन लाकर दी, तब से उनकी सोच में बदलाव आ गया है और वह नई योजनाएं बनाने लगे हैं। कहानी उनके मन के द्वंद्व और जीवन की साधारणता को दर्शाती है। बिहार की कहानिया Prabhat Ranjan द्वारा हिंदी लघुकथा 4.8k 7.2k Downloads 32.9k Views Writen by Prabhat Ranjan Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण बिहार का बदलता हुआ समाज और उसमें बनते बिगड़ते सपनों वाले युवा हैं. विकास के दौड़े से छूटे युवाओं की कुछ यादगार कहानियां. More Likes This मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी