विवरण
अध्याय:40फ्रीसाइकिलिंग—उपयोगिताऔरउदारताकाअनूठामेल वर्तमानसमयमेंजबहमपर्यावरणसंरक्षणऔरसंसाधनोंकेउचितप्रबंधनकीबातकरतेहैं,तोहमारेसामनेकईनवीनअवधारणाएँआतीहैं।हार्वर्डयूनिवर्सिटीकेएकहालियाशोधलेखमेंदोमहत्वपूर्णशब्दोंकाउल्लेखकियागयाहै,जोनकेवलहमारेपर्यावरणकेलिएबल्किहमारेसामाजिकताने-बानेकेलिएभीअत्यंतमहत्वपूर्णहैं।इनमेंसेपहलाशब्दहै—रिसाइक्लिंग(Recycling)औरदूसराहै—फ्रीसाइकिलिंग(Freecycling)।रिसाइक्लिंगसेहमसभीभली-भांतिपरिचितहैं।इसकाअर्थहैघरसेनिकलनेवालेकूड़ेयाअपशिष्टपदार्थोंकोपुनर्चक्रितकरनईवस्तुओंमेंबदलना।सरकारेंऔरस्वयंसेवीसंस्थाएंइसदिशामेंनिरंतरकार्यकररहीहैंताकिकचरेकाप्रबंधनसहीढंगसेहोसके।लेकिनइसशोधलेखमेंजिसदूसरेशब्द'फ्रीसाइकिलिंग'परबलदियागयाहै,वहहमारेमानवीयमूल्योंकोगहराईसेछूताहै।फ्रीसाइकिलिंगक्याहै?फ्रीसाइकिलिंगकातात्पर्यउनवस्तुओंसेहैजोहमारेघरमेंअबउपयोगकेलायकनहींरहगईहैं,लेकिनवेअभीभीअच्छीस्थितिमेंहैं।उदाहरणकेलिए,वेकपड़ेजोअबहमेंफिटनहींआते,वेजूतेजिनकाहमअबउपयोगनहींकरते,याफर्नीचरऔरखिलौनेजोहमारेलिएअब'अतिरिक्त'होगएहैं।ऐसीवस्तुओंकोकचरेमेंफेंकनेयाकबाड़मेंदेनेकेबजाय,उनलोगोंतकपहुँचानाजिन्हेंउनकीवास्तविकआवश्यकताहैऔरजोउन्हेंखरीदनेमेंसक्षमनहींहैं, 'फ्रीसाइकिलिंग'कहलाताहै।यहप्रक्रियादोतरफाखुशीकास्रोतहै।एकओर,दानकरनेवालेव्यक्तिको'देनेकासुख' (Joy of Giving)प्राप्तहोताहै,जोमानसिकशांतिऔरसंतोषकाआधारहै।दूसरीओर,प्राप्तकर्ताव्यक्ति,जिसकीआर्थिकस्थितिउन्हेंवहसंसाधनखरीदनेकीअनुमतिनहींदेती,वहउसवस्तुकोपाकरअसीमप्रसन्नताकाअनुभवकरताहै।यहसमाजमेंसंसाधनोंकेसमानवितरणकाएकसरलऔरप्रभावशालीतरीकाहै।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहमहानशिक्षामिलतीहैकिहमारीबेकारपड़ीवस्तुएंकिसीदूसरेकेजीवनकीबड़ीआवश्यकताहोसकतीहैं। 'फ्रीसाइकिलिंग'केवलपर्यावरणकीरक्षाहीनहींकरती,बल्किहमारेभीतरउदारताऔरसंवेदनशीलताकीभावनाकोभीजाग्रतकरतीहै।हमेंअपनेजीवनमेंइसआदतकोअपनानाचाहिएकिहमअपनेसंसाधनोंकोव्यर्थनजानेदें।यादरखें,जबहमनिस्वार्थभावसेकिसीजरूरतमंदकीसहायताकरतेहैं,तोवहसमाजकोऔरअधिकखुशहालऔरएकजुटबनाताहै। अध्याय:41अपनीसंस्कृतिकीखोजऔरजड़ोंकीओरवापसी आजकेआधुनिकयुगमेंजहाँहमतकनीकऔरवैश्वीकरणकीदौड़मेंबहुतआगेनिकलगएहैं,वहींहमकहींनकहींअपनीमूलजड़ों,संस्कृतिऔरमिट्टीकीखुशबूकोभूलतेजारहेहैं।अपनीइसीअनमोलविरासतसेलोगोंकोपुन:जोड़नेकाएकसाहसीऔरअनूठाप्रयासकररहेहैं—राहुलकानपुरियाजी।उन्होंने'ट्रेवलर्सयूनिवर्सिटी'नामकसंस्थाकीनींवरखीहै,जोपर्यटनकोकेवलमनोरंजननहीं,बल्किसीखनेऔरआत्म-साक्षात्कारकाएकमाध्यममानतीहै।राहुलकानपुरियाजीकेइससफरकीशुरुआतउनकेव्यक्तिगतअनुभवसेहुई।उन्होंनेराजस्थानमेंएकमहीनेतकबिनामोबाइलऔरबिनापैसोंकेकेवलसाइकिलसेयात्राकी।उन्होंनेपूरीतरहसेगांववालोंकेआतिथ्यऔरउनकेसहारेपरभरोसाकिया।इसयात्राकेदौरानउन्होंनेअनुभवकियाकिहमारेसमाजऔरसंस्कृतिमेंसीखनेकेलिएइतनाकुछहै,जिससेआधुनिकपीढ़ीपूरीतरहअनभिज्ञहै।उन्होंनेपायाकिगाँवोंमेंआजभीन्याय,रोजगारऔरपरस्परसहयोगकेऐसेवैकल्पिकतरीकेजीवितहैंजोप्रकृतिकेसाथसामंजस्यबिठाकरचलतेहैं।'ट्रेवलर्सयूनिवर्सिटी'केमाध्यमसेराहुलजीलोगोंकोऐसीसातदिवसीयसाइकिलयात्राओंपरलेजातेहैं,जहाँप्रतिभागीदेशकीसंस्कृति,सभ्यताऔरस्थानीयरोजगारकेमुद्दोंकोकरीबसेदेखतेहैं।अबतकलगभग२००सेज्यादालोगइसअभियानसेजुड़चुकेहैं।इनकामुख्यउद्देश्यऐसे'वैकल्पिकरोजगारों'कीतलाशकरनाहैजोप्रकृतिकोनुकसानपहुँचाएबिनामनुष्यकेजीवनयापनमेंसहायकहोसकें।यहसंस्थाहमेंसिखातीहैकिअसलीशिक्षाकिताबीज्ञानमेंनहीं,बल्किउनअनुभवोंमेंहैजोहमेंसमाजकीगहराईऔरलोगोंकेसंघर्षसेजोड़तेहैं।जहाँआजकायुवाअपनीजड़ोंसेकटनाचाहताहै,वहांराहुलजीजैसेलोगहमेंवापसअपनीमिट्टीकीओरबुलारहेहैं।यहप्रयासकेवलएकयात्रानहीं,बल्किहमारेसमाजकीसमझबढ़ानेऔरप्रकृतिकेसाथमिलकरजीनेकीएकनईदिशाहै।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहमहानशिक्षामिलतीहैकिकिसीभीसमाजकीप्रगतिउसकीसंस्कृतिऔरजड़ोंकीमजबूतीपरनिर्भरकरतीहै।हमेंतकनीककेसाथ-साथअपनीपरंपराओंऔरप्रकृतिसेजुड़ेरोजगारकेअवसरोंकोभीमहत्वदेनाचाहिए।राहुलकानपुरियाजीकीयहपहलहमेंप्रेरितकरतीहैकिहमभीअपनेआरामदायकजीवनसेबाहरनिकलेंऔरऐसी'वैकल्पिकयात्राओं'काहिस्साबनें,जोहमेंवास्तविकभारतऔरउसकीसांस्कृतिकन्यायप्रणालीसेपरिचितकरासकें।अपनीजड़ोंसेजुड़ाव्यक्तिहीभविष्यकीचुनौतियोंकासामनाअधिकसंवेदनशीलताऔरदृढ़ताकेसाथकरसकताहै। अध्याय:42टीमवर्ककीशक्तिऔरसामूहिकसंकल्पकीविजय किसीभीसंगठनकीसफलताकेवलउसकीपूँजीयातकनीकपरनिर्भरनहींकरती,बल्किवहांकामकरनेवालेलोगोंकेआपसीसहयोगऔरएकसाझालक्ष्यकेप्रतिउनकेसमर्पणपरटिकीहोतीहै।जबएककुशलनेतृत्व(Leadership)औरएकवफादारटीमसाथमिलकरकामकरतेहैं,तोवेनामुमकिनदिखनेवालेलक्ष्योंकोभीहासिलकरसकतेहैं।केनराबैंककेहालियासंकटऔरउससेउबरनेकीकहानीटीमवर्ककाएकबेमिसालउदाहरणपेशकरतीहै।इसवित्तीयवर्षकेदौरान,केनराबैंककीप्रबंधनसमितिनेमहसूसकियाकिबैंकभारीवित्तीयघाटेकीओरबढ़रहाहै।ऐसीस्थितिमेंआमतौरपरछंटनीयाकड़ेनियमलागूकिएजातेहैं,लेकिनबैंककेप्रबंधनिदेशकश्रीसत्यनारायणराजूजीनेएकअलगऔररचनात्मकरास्ताचुना।उन्होंनेसमस्याकोअपनीटीमकेसामनेरखाऔरसामूहिकशक्तिपरभरोसाजताया।उन्होंनेदेशभरमेंफैलेबैंककेलगभग83,000कर्मचारियोंकोएकव्यक्तिगतपत्रलिखकरएकविशेषआग्रहकिया।उन्होंनेकर्मचारियोंसेनिवेदनकियाकिवेअपनेस्तरपर,अपनेपरिवारऔररिश्तेदारोंकेमाध्यमसेबचतखातों(Saving Accounts)औरएफडी(FD)केरूपमेंधनराशिबैंकमेंजमाकरवाएं।परिणामअत्यंतआश्चर्यजनकऔरसुखदरहे।मात्र10हफ्तोंकेभीतर,कर्मचारियोंकेसामूहिकप्रयासोंसेबैंकमेंलगभग16,700करोड़रुपयेकीभारीभरकमराशिजमाहोगई।यहघटनादर्शातीहैकिजबएकलीडरअपनीटीमपरविश्वासकरताहैऔरटीमअपनेलीडरकेआह्वानपरपूरीनिष्ठाकेसाथजुटजातीहै,तोकिसीभीसंकटसेपारपायाजासकताहै।यहकेवलएकबैंककेघाटेसेउबरनेकीकहानीनहींहै,बल्कियहएकसंस्थाकेप्रतिउसकेकर्मचारियोंकेप्रेमऔरटीमवर्ककेगौरवकीकहानीहै।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहमहानशिक्षामिलतीहैकि'एकतामेंहीशक्तिहै'।अकेलेहमबहुतकमकरसकतेहैं,लेकिनसाथमिलकरहमबहुतकुछहासिलकरसकतेहैं।एकअच्छालीडरवहीहैजोसंकटकेसमयअपनीटीमकोप्रेरितकरसके,औरएकअच्छीटीमवहीहैजोअपनेसंगठनकीजरूरतकेसमयकंधेसेकंधामिलाकरखड़ीहो।यदिआपकेपासएकमजबूतटीमऔरस्पष्टदिशादिखानेवालानेतृत्वहै,तोआपदुनियाकीकिसीभीचुनौतीकोसफलतामेंबदलसकतेहैं।सामूहिकप्रयासहीस्थायीप्रगतिकाएकमात्रमार्गहै। अध्याय:43छठीइंद्रीऔरअंतर्ज्ञानकाविज्ञान हमबचपनसेहीअपनीपांचइंद्रियों—देखना,सुनना,सूंघना,चखनाऔरस्पर्शकरना—केबारेमेंपढ़तेआरहेहैं।लेकिनजीवनमेंकईबारऐसाहोताहैजबहमेंकिसीघटनाकेहोनेसेपहलेहीउसकाआभासहोजाताहै,याकिसीव्यक्तिसेमिलतेहीमनमेंएकविशेषप्रकारकासंकेतमिलताहै।इसेहीहम'गटफीलिंग', 'अंतर्ज्ञान'या'छठीइंद्री'कहतेहैं।आधुनिकशोधकर्ताऔरवैज्ञानिकअबइनरहस्यमयसंकेतोंकेपीछेकेविज्ञानकोसमझनेलगेहैं।हमारेशरीरकीसंचारव्यवस्थाकेवलमस्तिष्कतकसीमितनहींहै।मानवमस्तिष्कमेंलगभग80बिलियनन्यूरॉन्सहोतेहैं,जोनिरंतरसूचनाओंकाआदान-प्रदानकरतेहैं।दिलचस्पबातयहहैकिहमारेहृदयमेंभीलगभग40बिलियनन्यूरॉन्सपाएजातेहैं,जोमस्तिष्ककोसीधेसंकेतभेजतेहैं।लेकिनसबसेआश्चर्यजनकतथ्ययहहैकिहमारीआंतों(Intestine)मेंभी100से500मिलियनन्यूरॉन्सकाएकजटिलजालहोताहै।वैज्ञानिकइसे'दूसरामस्तिष्क' (Second Brain)भीकहतेहैं।जबहमारामस्तिष्ककिसीसमस्यापरविचारकररहाहोताहै,तोहमारीआंतोंमेंस्थितयेन्यूरॉन्सभीउसीप्रक्रियामेंशामिलहोजातेहैं।यहीकारणहैकिजबहमेंकिसीस्थितिमेंघबराहटयाअनहोनीकाअहसासहोताहै,तोवहसबसेपहलेपेटमेंमहसूसहोताहै।यह'गटफीलिंग'वास्तवमेंहमारेअवचेतनमनऔरहमारेशारीरिकन्यूरॉन्सकेबीचकाएकगहरासंवादहै।छठीइंद्रीहमारेअवचेतनमनकीवहशक्तिहैजोउनसूक्ष्मसंकेतोंकोपकड़लेतीहैजिन्हेंहमारीसामान्यपांचइंद्रियाँनहींदेखपातीं।यदिकभीआपकोकिसीकामकोकरतेसमययाकिसीनिर्णयकोलेतेसमयमनकेभीतरसेकोईअजीबसीअनुभूतिहो—चाहेवहसकारात्मकहोयानकारात्मक—तोउसपरध्यानदेनाआवश्यकहै।यहआपकेशरीरऔरमनकीवहरक्षाप्रणालीहैजोआपकोसंभावितखतरोंसेआगाहकरतीहैयासहीमार्गकीओरइंगितकरतीहै।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहमहानशिक्षामिलतीहैकिहमेंअपनी'अंतरात्माकीआवाज़'और'गटफीलिंग'कासम्मानकरनाचाहिए।विज्ञानयहसिद्धकरचुकाहैकिहमाराशरीरऔरमस्तिष्कएक-दूसरेकेसाथअत्यंतसूक्ष्मस्तरपरजुड़ेहुएहैं।अपनेभीतरकेइनसंकेतोंकोअनसुनानकरें,क्योंकियहआपकीछठीइंद्रीहैजोआपकेअनुभवोंऔरअवचेतनमनकेमेलसेआपकोसहीदिशादिखानेकाप्रयासकरतीहै।स्वयंपरऔरअपनेअंतर्ज्ञानपरविश्वासकरनाहीजीवनकेकईकठिननिर्णयोंकोसरलबनासकताहै।