Sometimes sunshine, sometimes shade book and story is written by Vijay Erry in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Sometimes sunshine, sometimes shade is also popular in Motivational Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. कभी धूप, कभी छाँव Vijay Erry द्वारा हिंदी प्रेरक कथा 123 Downloads 420 Views Writen by Vijay Erry Category प्रेरक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कभी धूप, कभी छाँवलेखक: विजय शर्मा एरीगाँव के किनारे बसे छोटे-से घर में सुबह की पहली किरणें जब खिड़की से घुसतीं, तो रमेश को लगता था जैसे जीवन खुद आकर मुस्कुरा रहा हो। नीम के पेड़ की घनी छाँव में बैठी माँ चूल्हे पर रोटियाँ सेंकतीं और पिता खेतों की ओर निकल जाते। रमेश उस समय बारह साल का था। जीवन उसके लिए सिर्फ खेल, दोस्तों की हँसी और माँ के हाथ का गुड़ था। धूप और छाँव दोनों ही प्यारे लगते थे—धूप में खेत की मिट्टी गरम होती और छाँव में नीम की ठंडक शरीर में उतर जाती।लेकिन जीवन More Likes This कुत्रिम बुद्धिमता - 2 द्वारा Ramesh Desai रोशनी की दस्तक - 1 द्वारा Nisha Choudhary संघर्ष अभी जारी है द्वारा Vandna Sharma AYESHA - एक अधूरी नहीं, फिर से शुरू हुई ज़िंदगी द्वारा Kaushik dave तनाव से सफलता तक का सफर - भाग 1 द्वारा Nisha Choudhary जिसकी बात सुनी नहीं गई (भाग 1) द्वारा Shivam Kumar Pandey मेरी जीवन-यात्रा: अखण्ड ज्योति का चमत्कार - 1 द्वारा Poonam Jain अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी