When the pen woke up book and story is written by Soma Devi in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. When the pen woke up is also popular in Motivational Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. जब कलम जागी Chandni choudhary द्वारा हिंदी प्रेरक कथा 4 147 Views Writen by Chandni choudhary Category प्रेरक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण जब कलम जागी“श्वेता बेटा, जल्दी उठो। सुबह के नौ बज गए हैं और तुम अभी तक सो रही हो। जल्दी तैयार हो जाओ, आज हमें मंदिर जाना है।”रसोई से आती स्नेहभरी आवाज़ सुनकर श्वेता ने धीरे-धीरे आँखें खोलीं। यह आवाज़ उसकी माँ सरोज की थी।“माँ, आज मंदिर क्यों जाना है? क्या आज कोई विशेष दिन है?” श्वेता ने उनींदी आँखों से पूछा।सरोज मुस्कुराईं और बोलीं, “अरे, आज तुम्हारा अठारहवाँ जन्मदिन है। इस शुभ दिन की शुरुआत भगवान के दर्शन से करेंगे।”श्वेता हल्की-सी मुस्कुराई और माँ के पास आकर बोली, “माँ, मेरे लिए तो आप ही भगवान से कम नहीं हैं। More Likes This अधूरी उड़ान - 1 द्वारा priyanshi bhuva अधूरापन - 1 द्वारा Falguni Dost ज़हरीली थाली द्वारा sukhvinder Singh Rai पीछे छूटा इंसान- भाग 1 द्वारा RAVINDRA बिन माँ की रसोई द्वारा sukhvinder Singh Rai भरोसे का खून द्वारा sukhvinder Singh Rai अपनों का नकाब: खून से गहरा दर्द द्वारा sukhvinder Singh Rai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी