किचकन्या (आरंभ) book and story is written by Shree Kriti in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. किचकन्या (आरंभ) is also popular in Mythological Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. किघकन्या - 1 Shree Kriti द्वारा हिंदी पौराणिक कथा 3 291 Downloads 969 Views Writen by Shree Kriti Category पौराणिक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण यह कहानी बहुत समय पहले की है ... करीब चार सौ - पांच सौ साल पहले की ......................................नेपाल के सरहद से सटा भारत में एक छोटा सा गाँव था विष्णुपुर । इसी गाँव के ठीक बीचोबीच बने कुएँ से एक लड़की पानी भर रही थी .... धूप से तप रहे बदन पर पुराने घिसे हुए कपड़े थे पर ऐसा रूप - लावण्य की देखकर ऐसा लगता था कि जैसे स्वर्ग से कोई देवकन्या धरती पर उतर आई हो ... चाॅंद सा मुखड़ा ... सूरज सा दमकता हुआ गोरा रंग ... सुरमई ऑंखें ... नाजुक गुलाब से होंठ ... लम्बे काले More Likes This किघकन्या - 1 द्वारा Shree Kriti सनातन गाथा: रामायण के अनसुने पन्ने और संपूर्ण इतिहास - 1 द्वारा Tejendragodara Rajkumar - 1 द्वारा Ram Make सस्सी–पुन्नू - 1 द्वारा Aarushi Singh Rajput रात की रानी - भाग 1 द्वारा Upendra Bharti विक्रम और बेताल - 2 द्वारा Vedant Kana डायरी का वो आखरी पन्ना - 2 द्वारा Std Maurya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी