aabhisaar book and story is written by prabha pareek in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. aabhisaar is also popular in Fiction Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. अभिसार prabha pareek द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 284 861 Downloads 2.2k Views Writen by prabha pareek Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अभिसारपत्नी की मृत्यु के बाद परिजनों ,मित्रों सभी को लग रहा था कि लक्ष्मी कांत जी अकेले हो गए |क्योंकि घर में तीन छोटी बेटियाँ एक दुधमुँहा बेटा एक छोटा अविवाहित भाई भी था| उनकी सेवा करने के लिए नौकरों की कमी नहीं थी| चिंता थी अति वृद्ध माँ की देखभाल की और पत्नी की शुद्ध सात्विक रसोई की ‘उसका क्या होगा’ |एक बहन थी जो उनसे उम्र में काफी बड़ी थी भाई के दु:ख के समय आई थी| माँ की हालत उस पर भाई की उजड़ी ग्रहस्थी देखकर जितने दिन वो रह सकती थी रहीं | अपने साथ लाई More Likes This माइनर टाउन: जागरण - 3-4-5-6 द्वारा Ankit Saxena इश्क की पहली बारिश - 1 द्वारा Pooja RAJPUTANA - The War of Love and Revenge - 1 द्वारा Aarushi Singh Rajput पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul माइनर टाउन: जागरण - 1-2 द्वारा Ankit Saxena सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Shanaya khan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी