Ishq Aur Ashq - 81 book and story is written by Aradhana in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Ishq Aur Ashq - 81 is also popular in Love Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. इश्क और अश्क - 81 Aradhana द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 213 Downloads 543 Views Writen by Aradhana Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण वर्धान ने द्वार पर दस्तक दी।"आइए।"शोभित खिड़की के पास खड़े थे। सुबह की पहली रोशनी उनके सफ़ेद पंखों पर पड़ रही थी। उम्र थी चेहरे पर — पर आँखें अभी भी तेज़ थीं। वही आँखें जो वर्धान को बचपन से पढ़ लेती थीं।उन्होंने पलटकर देखा।बेटे को देखा।आँखों के नीचे काले घेरे। चेहरे पर थकान। पर जबड़ा कसा हुआ — जैसे कमज़ोरी दिखाने से डर लग रहा हो।"रात भर जागे?" शोभित ने सीधे पूछा।वर्धान ने एक पल रुककर कहा —"जी।"शोभित कुछ नहीं बोले। बस इशारे से बैठने को कहा।वर्धान बैठ गया। पर बात शुरू नहीं हुई तुरंत।कुछ देर चुप्पी रही — Novels इश्क और अश्क "नहीं! ऐसा मत करो, छोड़ दो please..... जाने दो! नहीं! नहीं!" "रात्रि उठ! ऐसा कहकर मेघा (रात्रि की मां) ने रात्रि को झकझोर दिया। कितनी ब... More Likes This चांदनी रात का वादा द्वारा kajal jha Life is not Easy For me - 1 द्वारा Priya kashyap सीप का मोती - 1 द्वारा manasvi Manu जिस्म नहीं… इजाज़त चाहिए - 1 द्वारा Anshu Gupta Obsession - 1 द्वारा Bharti 007 इश्क़ तेरा मेरा - 1 द्वारा Bella सात_फेरो_का_इंतजार - 1 द्वारा Bella अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी