Trisha - 46 book and story is written by vrinda in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Trisha - 46 is also popular in Women Focused in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. त्रिशा... - 46 palvisha द्वारा हिंदी महिला विशेष 40 243 Downloads 738 Views Writen by palvisha Category महिला विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण धीरे धीरे ऐसे ही चार साल बीत गए। इन चार सालों में राजन और त्रिशा के जीवन में बहुत कुछ बदला। जैसे त्रिशा अब अपनी बेटी के लिए जीने मारने लगी थी और राजन की आदत दिन पर दिन उसका जीवन दुखमय बना रही थी।इन्हीं चार साल में गुनगुन की पढ़ाई शुरु होने से पहले राजन ने थोड़े बहुत पैसे जोड़ कर अपनी फैमली के लिए एक छोटा सा घर ले लिया क्योंकि वह जानता था कि आगे उसके सामने बहुत सा खर्चा आने वाला है और वह अपने परिवार का एकलौता कमाने वाला है। इसलिए अपनी परिवार के भविष्य Novels त्रिशा... यह शब्द सुना तो बहुत था, बचपन में इस पर निबंध भी बहुत लिखे थे पर मेरे लिए यह शब्द तब तक अस्तित्व में नहीं था जब तक की मुझे मेरी सहेली ने इसका असल अर्थ... More Likes This जंगल - 36 द्वारा Neeraj Sharma ममता ...एक अनुभूति... - 1 द्वारा kalpita हथकड़ी - 3 द्वारा Ashish Bagerwal सपनों की डोली। - 1 द्वारा softrebel अदृश्य पीया - 16 द्वारा Sonam Brijwasi ज़ख्मों की शादी - 5 द्वारा Sonam Brijwasi सीमाओं से परे - 1 द्वारा ARTI MEENA अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी