belongingness book and story is written by Vijay Erry in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. belongingness is also popular in Love Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. अपनापन Vijay Erry द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 2 117 Downloads 402 Views Writen by Vijay Erry Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अपनापनलेखक: विजय शर्मा एरी---प्रस्तावनासमर्पण—यह शब्द केवल त्याग का नहीं, बल्कि प्रेम, कर्तव्य और आत्मा की गहराई का प्रतीक है। जब कोई व्यक्ति अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर दूसरों के लिए जीता है, तो वही समर्पण भाव कहलाता है। यह कहानी एक ऐसे युवक की है, जिसने अपने जीवन को दूसरों की भलाई में समर्पित कर दिया।---पहला अध्याय: गाँव का युवकपंजाब के एक छोटे से गाँव में अर्जुन नाम का युवक रहता था। साधारण परिवार से था, लेकिन उसके सपने बड़े थे। वह पढ़ाई में तेज़ था और शहर जाकर नौकरी करना चाहता था।परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। पिता खेती More Likes This मशीन का दिल - 1 द्वारा shishi ब्रिंदा - एक खूबसूरत एहसास - 1 द्वारा jay panchal सदियों से तुम मेरी - 1 द्वारा Pooja Singh मैं दादा-दादी की लाड़ली - 2 द्वारा sapna बिना देखे प्यार - 1 द्वारा mahadev ki diwani वेलेंटाइन- डे, एक अधूरी शुरुआत - 1 द्वारा vikram kori BL Live story - 1 द्वारा PAYAL PARDHI अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी