Ghar Se Vapisi book and story is written by swati in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Ghar Se Vapisi is also popular in Love Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. घर से वापिसी swati द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ Writen by swati Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण पंद्रह दिन के हनीमून से वापिस घर लौटते हुए अधीर ने बीस दिन पहले सात फेरे लेने वाली पत्नी अवनी से बेड पर लेटे हुए गले में बाहें डालते हुए कहा- "अब तो शादी भी हो गई, हनीमून भी हो गया लगता है जिंदगी का सारा एक्साइटमेंट हनीमून में ही है।अब तो रोज एक ही ढर्रे वाली जिंदगी जी कर बोर होना पडेगा।"अवनी ने अधीर से गले से बाहें हटाते हुए कहा-"जब अब जीने के लिए रोटी की जुगाड तो करनी पडेगी ना,आखिर अब हम दोनों एक ही गाडी के दो पहिए जो हैं।अब मुझे बहुत काम है।कल सुबह तुम्हें More Likes This दीवाने की दिवानियत - एपिसोड 1 द्वारा kajal jha अनचाही शादी - किस्मत का सौदा - भाग 1 द्वारा Annu Kumari अधुरी डायरी द्वारा kajal jha अदृश्य पीया - 1 द्वारा Sonam Brijwasi पहली नज़र का इश्क - 1 द्वारा Bikash parajuli अधुरी खिताब का आखिरी पन्ना द्वारा kajal jha दो राज्यों का अमर प्रेम द्वारा Akshay Tiwari अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी