Gumnaam - 2 book and story is written by वंदना जैन in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Gumnaam - 2 is also popular in Drama in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. गुमनाम - एपिसोड 2 वंदना जैन द्वारा हिंदी नाटक Writen by वंदना जैन Category नाटक पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अविनाश नहीं जानता था कि उसके मन में अनामिका के लिए जो है वो क्या है! कुछ तो वो डरता था और कुछ उसके पिता की दुश्मनी अनामिका के पिता से होने के कारण भी वो इस बात को खुद पर ज़ाहिर नहीं होने देना चाहता था। लेकिन अनामिका! वो अपनी भावनाओं को लेकर जागृत भी थी और मुखर भी। उसे एहसास था कि अविनाश के मन में भी उसके लिए वही है लेकिन वो कह नहीं पा रहा है! लेकिन उसे इस बात का फ़र्क नहीं पड़ता था कि अविनाश ही पहल करे!उसका मानना था कि जब लड़का-लड़की के More Likes This इस घर में प्यार मना है - 1 द्वारा Sonam Brijwasi गुमनाम - एपिसोड 1 द्वारा वंदना जैन बाबा भाग 1 द्वारा Raj Phulware सर्जा राजा - भाग 1 द्वारा Raj Phulware एक शादी ऐसी भी - 1 द्वारा Ravi Ranjan माँ की चुप्पी - 1 द्वारा Anurag Kumar मेनका - भाग 2 द्वारा Raj Phulware अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी