Trisha - 21 book and story is written by vrinda in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Trisha - 21 is also popular in Women Focused in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. त्रिशा... - 21 vrinda द्वारा हिंदी महिला विशेष 19 171 Downloads 531 Views Writen by vrinda Category महिला विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कुछ समय बाद राजन उस जगह लौट आया और फिर जल्द ही खाना पीना हो जाने के बाद राजन और उसके घरवालों ने विदा ली। त्रिशा के पापा ने तो रात तक रुक कल त्रिशा का जन्मदिन मनाने के बाद जाने का आग्रह किया किंतु उसे शिष्टाचार के साथ राजन के घरवालों ने अस्वीकार कर दिया।उन लोगों के जाने तक शाम के पांच बज चुके थे और सुबह से लगे होने के कारण सभी थक भी गए थे इसलिए त्रिशा, मोनिका, कल्पना और त्रिशा की मामी आराम करने अपने कमरों में चली गई क्योंकि रात आठ बजे से फिर मेहमान Novels त्रिशा... यह शब्द सुना तो बहुत था, बचपन में इस पर निबंध भी बहुत लिखे थे पर मेरे लिए यह शब्द तब तक अस्तित्व में नहीं था जब तक की मुझे मेरी सहेली ने इसका असल अर्थ... More Likes This चंदेला - 3 द्वारा Raj Phulware फूल की किस्मत - 1 द्वारा KANKSHA VASNIK जहरीला घुंगरू - भाग 1 द्वारा Raj Phulware अनकही मोहब्बत - 6 द्वारा Kabir इंतेक़ाम - भाग 17 द्वारा Mamta Meena तन्हाई - 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik शंम्मो जान भाग- 1 द्वारा Lakshmi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी