Brother-in-law is at home book and story is written by Bikash parajuli in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Brother-in-law is at home is also popular in Drama in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. देवर जी घर पर हैं Bikash parajuli द्वारा हिंदी नाटक 13 219 Downloads 627 Views Writen by Bikash parajuli Category नाटक पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण शर्मा परिवार शहर के एक शांत से मोहल्ले में रहता था। घर में ज़्यादा शोर-शराबा नहीं था, सब कुछ समय पर चलता था। सुबह 7 बजे चाय, 9 बजे ऑफिस, 10 बजे घर में सन्नाटा।घर के सदस्य थे—रमेश शर्मा – सख़्त लेकिन दिल के अच्छेसुनीता जी – हर किसी की फिक्र करने वाली माँअमित – बड़ा बेटा, ऑफिस और मोबाइल का गुलामनेहा – अमित की पत्नी, समझदार लेकिन अनुशासन पसंदसब कुछ बिल्कुल ठीक चल रहा था…जब तक एक दिन दरवाज़े पर ज़ोर से बेल नहीं बजी। देवर जी की एंट्रीदरवाज़ा खोला तो सामने खड़ा था एक मुस्कुराता हुआ लड़का—कंधे पर More Likes This गुमनाम - एपिसोड 1 द्वारा वंदना जैन बाबा भाग 1 द्वारा Raj Phulware सर्जा राजा - भाग 1 द्वारा Raj Phulware एक शादी ऐसी भी - 1 द्वारा Ravi Ranjan माँ की चुप्पी - 1 द्वारा Anurag Kumar मेनका - भाग 2 द्वारा Raj Phulware पती पत्नी और वो - भाग 2 द्वारा Raj Phulware अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी