Aur ek baat ki sanak book and story is written by Rajeev kumar in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Aur ek baat ki sanak is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. और एक बार की सनक Rajeev kumar द्वारा हिंदी लघुकथा 423 Downloads 1.3k Views Writen by Rajeev kumar Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अपनी असफलता के लिए सिर्फ भाग्य को कोसते-कोसते, वह अपने आप को हीन और तुच्छ समझने लगा था। इच्छा शक्ति की बात अब उसके मन-मस्तिष्क पर किसी कारक का काम नहीं कर रही थी। वो उठा और टेलीफोन बुथ जाकर अपने दोस्त को फोन मिलाया और कहा’’ यार विजय, मैं अजय बोल रहा हूं, अब पढ़ाई का मन नहीं कर रहा है, मैं भी आ रहा हूं तुम्हारे पास। दिल्ली में तो अकेला होगा, साथ मिलकर रहेंगे, साथ मिलकर काम करेंगे। ’’अजय को आभाष हुआ कि फोन कट गया है, लेकिन विजय फोन काटकर सोच में पड़ गया कि More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी