विवरण
आशना उसके पास जाकर आखें ततेर कर घुरी "क्या कहा? फिर से कहो?""हे हे हे,,,क्या ही कहूंगा लीडर" कृषभ घबराकर जबरदस्ती हस्ते हुए बोला।आशना बे परवाही से "बकवास ही करोगे और क्या? हूं,,, वैसे हो क्या गया है पहले तो बड़े रौब झाड़ते थे मिशन को लेकर अब क्या हुआ?"कृषभ बात को बड़े सही से बदलते हुए "ठीक है काम की बात सुनो,,, क्या तुम्हें पता है,,,? इंस्पेक्टर मुरीद को सस्पेंड कर दिया गया है और जल्द ही उसकी जगह कोई नया बंदा खड़ा होगा,,,""होगा नही हो गया है "इस्पेक्टर मूरिश शेखवंत"" आशना ने कहा।"Hmm,,, नाम यही था,,, और वो,,,"