Mere Piya ki Pati book and story is written by H.k Bhardwaj in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Mere Piya ki Pati is also popular in Love Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. मेंरे पियां की पाती H.k Bhardwaj द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 549 732 Downloads 2.1k Views Writen by H.k Bhardwaj Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण पुनर्वा अपनें पिता सुखवासी राम की इकलौती बेटी थी, सुखवासी राम की आर्थिक स्थिति सामाजिक स्तर पर वहुत अच्छी थी , लोध समाज में उनका वहुत ही सम्मान था, या फिर यह कहा जाय कि वह लोध समाज के अच्छे और कद्दावर नेता थे। जिसका एक कारण सुखवासी राम की ईमानदारी, नेक नियत और उनकी कर्तव्यनिष्ठा ही थी, साथ ही वह हर किसी के दुःख-सुख में वह हमेशा तत्पर रहते थे। सन्तान के नाम पर उनकें दो बेटे और एक बेटी ही थी कुल बात यह कि परिवार सिमित और खुशहाल था । बेटी दोनों भाइयों से छोटी थी जिसका More Likes This इस घर में प्यार मना है - 4 द्वारा Sonam Brijwasi अनोखी प्रेम कहानी - 1 द्वारा kuldeep Singh घर से वापिसी - 1 द्वारा swati दीवाने की दिवानियत - एपिसोड 1 द्वारा kajal jha अनचाही शादी - किस्मत का सौदा - भाग 1 द्वारा Annu Kumari अधुरी डायरी द्वारा kajal jha अदृश्य पीया - 1 द्वारा Sonam Brijwasi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी