कलंक part-1 book and story is written by Yash Singh in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. कलंक part-1 is also popular in Fiction Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. कलंक Yash Singh द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 559 1k Downloads 3k Views Writen by Yash Singh Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रात काफी गहरी थी ,आसमान में काले बादल छाए थे। दूध सी सफेद चाँदनी में नहाया हुआ चाँद काले बादलों के पीछे से झाँक रहा था। उस चाँद का प्रतिबिंब पास ही की एक शांत नदी में बन रहा था। नदी के सामने कुछ ही दूरी पर माँ काली का पुराना मंदिर था। मंदिर ज्यादा पुराना था और गाव से भी काफी दूर इसी कारणवश कुछ लोग ही मंदिर आ पाते थे। मंदिर की देखभाल पंडित दीनदयाल के हाथों में थी। रोज सुबह मंदिर का गेट खोलना,ज्योत बत्ती करना उन्ही का काम था। पंडित दीनदयाल छोटी कद काठी के थे More Likes This Beyond the Pages - 1 द्वारा cat रूहों का सौदा - 1 द्वारा mamta लाल पत्थर का राज - भाग 1 द्वारा Anil singh जागती परछाई - 3 द्वारा Shivani Paswan विलनेस का पुनर्जन्म अब बदला होगा - 1 द्वारा KahaniCraft वासना दैत्य ही वासना देव है! - 1 द्वारा Krayunastra THE PIANO MEN - 1 द्वारा rajan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी