Amavasya ki Kali Raat book and story is written by Vedant Kana in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Amavasya ki Kali Raat is also popular in Horror Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. अमावस्या की काली रात Vedant Kana द्वारा हिंदी डरावनी कहानी 1.3k 1.2k Downloads 3.5k Views Writen by Vedant Kana Category डरावनी कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण उस पुराने गाँव के किनारे, जहाँ घने पीपल के पेड़ अपनी काली शाखाएँ आसमान की ओर फैलाते थे, एक हवेली खड़ी थी, जिसकी टूटी खिड़कियों से रात को सिर्फ ठंडी हवा नहीं, बल्कि किसी अनजाने भय की फुसफुसाहट भी आती थी। कहते हैं, उस हवेली में अमावस्या की रात को कोई दीपक नहीं जलाता, क्योंकि वहाँ जो रोशनी जलती है, वो इंसानों की नहीं, किसी और की होती है। गाँव के बुजुर्ग अक्सर बच्चों को चेतावनी देते, “उस रात घर से बाहर मत निकलना, वरना तुम वापस लौटकर शायद इंसान ही न रहो।”वो अमावस्या की रात थी। आसमान में चाँद More Likes This जागती परछाई - 1-2 द्वारा Shivani Paswan The Last Room of Floor 7 - भाग 1 (अनजान बुलावा) द्वारा Yuvraj Chouhan W22 THE Door That Should NOT Exist - 2 द्वारा Ravi Bhanushali भूखा जंगल - 1 द्वारा Md Siddiqui अधुरा वादा एक साया - एपिसोड 1 द्वारा kajal jha असुरविद्या - 1 द्वारा OLD KING पुरानी हवेली का राज - 1 द्वारा smita अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी