Dr. Syama Prasad Mookerjee book and story is written by Mini Kumari in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Dr. Syama Prasad Mookerjee is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी Mini Kumari द्वारा हिंदी लघुकथा 1.4k Downloads 4.4k Views Writen by Mini Kumari Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी के प्रति दुर्व्यवहारडॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी (1901-1953) सर आशुतोष मुखर्जी (1864-1924) के पुत्र थे, जो ‘बंगलार बाघ’ या ‘टाइगर अॉफ बंगाल’ के नाम से प्रसिद्ध थे। आशुतोष मुखर्जी एक महान् शिक्षाविद् थे, जिन्होंने बंगाल तकनीकी संस्थान, कॉलेज अॉफ साइंस, यूनिवर्सिटी कॉलेज अॉफ लॉ एवं कलकत्ता मैथमेटिकल सोसाइटी जैसे कई शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना में मदद की थी और वर्ष 1906-1914 के दौरान कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में सेवाएँ भी प्रदान की थीं।डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी बिल्कुल अपने पिता के शानदार नक्शे-कदम पर ही चले। सन् 1934 में मात्र 33 साल की उम्र में कलकत्ता More Likes This लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1 द्वारा Kajal Soam अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी