khvabo ke pankh book and story is written by Kapil in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. khvabo ke pankh is also popular in Motivational Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. ख्वाबों के पंख Kapil द्वारा हिंदी प्रेरक कथा 1.9k 771 Downloads 2.2k Views Writen by Kapil Category प्रेरक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कहते हैं सपने सिर्फ सोने के लिए होते हैं... पर अर्जुन ने उन्हें जिया था।वो एक छोटा सा लड़का था, गांव का, साधारण पहनावा और आँखों में असाधारण चमक। उसकी आंखों में हर वक्त कोई नया सपना तैरता था — कभी पायलट बनने का, कभी मंच पर भाषण देने का, कभी किताबें लिखने का।उसके दोस्त हँसते थे,“अबे तू? तू कुछ बड़ा करेगा?”अर्जुन मुस्कुरा देता, लेकिन दिल में कहीं एक चिंगारी सुलग जाती।हर सुबह वो अपने ख्वाबों को पंख पहनाता, और हर शाम उन्हें टूटते देखता। मगर अगली सुबह... वो फिर से उड़ान भरने को तैयार खड़ा मिलता।शायद यही जुनून था More Likes This आजादी - 1 द्वारा Kuldeep singh सादगी के स्वर : लेखिका गीता कुमारी - 2 द्वारा Geeta Kumari ट्रिपलेट्स भाग 2 द्वारा Raj Phulware जहाँ से खुद को पाया - 1 द्वारा vikram kori 8:30 pm शांति एक्सप्रेस - 1 द्वारा Bhumika Gadhvi स्वयं पर नज़र: जीवन को समझने का असली मार्ग - 1 द्वारा Sweta Pandey बलवीर की बल्ली - भाग 1 द्वारा Raj Phulware अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी