kalam parivesh ki shayari book and story is written by Parivesh Dhakad (Dhakad) in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. kalam parivesh ki shayari is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. कलम परिवेश की शायरी Parivesh Dhakad द्वारा हिंदी लघुकथा 1.6k Downloads 5.4k Views Writen by Parivesh Dhakad Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण तेरी हर बात में बेशक सलीक़ा था मगर,हर सलीक़े में छुपा इक इल्ज़ाम भी था। मैंने हर मोड़ पे तुझसे तअल्लुक़ रखा,और तेरा हर जवाब, इन्तिक़ाम भी था। अब “परिवेश” को न कसूरवार समझा जाए,उसके हर लफ़्ज़ में बस एक सलाम भी था। @कलम परिवेश ‘’ कहानी बेघर की ’’ बारिश में टूटी हुई छत की कहानी है, हर कतरा किसी बेघर की ज़ुबानी है। हमने जो छुपाया था तकिये में रो के कल, वो दर्द अब छत से टपकती निशानी है। भीग गए थे ख़्वाब भी उस More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी