"इन तीनों ने अपने रिश्तों की गहराई पर भरोसा किया…अब मैं उन्हें उनकी पहचान से ही काट दूँगी।अब वे एक-दूसरे को देखेंगे —लेकिन पहचान नहीं पाएँगे।"--- भ्रमलोक – चेतना का धुंधला द्वारअर्जुन, अनाया, ओजस और अब शल्याएक साथ भ्रमलोक के द्वार पर">

महाशक्ति - 42 Mehul Pasaya द्वारा पौराणिक कथा में हिंदी पीडीएफ

MAHAASHAKTI द्वारा  Mehul Pasaya in Hindi Novels
वाराणसी की तंग गलियों में अर्जुन का छोटा सा घर था, जहाँ वह अपनी पत्नी सुमन और छह साल के बेटे मोहन के साथ रहता था। एक साधारण मजदूर, जो सुबह काम पर जाता...

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