MAIN JO KAH NA SAKI book and story is written by MINAKSHI in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. MAIN JO KAH NA SAKI is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. मैं जो कह न सकी MINAKSHI द्वारा हिंदी लघुकथा 999 Downloads 2.4k Views Writen by MINAKSHI Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण भाग 1: बचपन की खामोशीरेवा एक शांत स्वभाव की लड़की थी। वो बहुत कुछ महसूस करती थी, पर बोलती कम थी। उसे लगता था कि उसके मन की बातें कोई सुनता ही नहीं, या सुनकर भी समझना नहीं चाहता। उसका मन एक समंदर था — गहरा, भावुक, लेकिन बाहर से एकदम शांत। उसका परिवार गरीब था। माँ से उसका रिश्ता वैसा नहीं था जैसा अक्सर बेटियों का होता है — नजदीकी, स्नेहभरा और खुला हुआ। वो अपनी माँ से अपने दिल की बातें नहीं कह पाती थी। घर की स्थिति और जिम्मेदारियाँ उसे समय से पहले बड़ा बना रही थीं। More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी