mrityughat book and story is written by kumar shivam hindustani in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. mrityughat is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. मृत्युघाट kumar shivam hindustani द्वारा हिंदी लघुकथा 820 1.3k Downloads 4k Views Writen by kumar shivam hindustani Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण स्थान हरिश्चंद्र घाट हर तरफ लाशें ही लाशें जल रही हैं ,कुछ अधजली है तो कुछ जल के ख़ाक हो चुकी है ,रात्रि का समय है इसलिए काफी शांति है।इसी बीच एक 25 साल का लड़का कोई बड़ी सी चीज कपड़े में लपेटे ,कंधे पर लादे, हरिश्चन्द्र घाट पहुंचता है, आस पास नजर फेरता है जैसे किसी को ढूंढ रहा होतभी थोड़ी दूर पर एक व्यक्ति दिखाई देता है पास जाकर देखता है तो दंग रह जाता है वो व्यक्ति जलती चिता के ऊपर रोटियां सेक रहा होता है।शिवम- ये क्या कर रहे हो ,शर्म नहीं आती या डर नहीं More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी