Daughters (like fragrance) book and story is written by दिनेश कुमार in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Daughters (like fragrance) is also popular in Anything in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. बेटियां (खुशबू की तरह) DINESH KUMAR KEER द्वारा हिंदी कुछ भी 1.7k Downloads 5.7k Views Writen by DINESH KUMAR KEER Category कुछ भी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण 1.मैं यह सोचकर उसके दर से उठी थीकि वह रोक लेगा मना लेगा मुझको ।हवाओं में लहराता आता था दामनकि दामन पकड़कर बिठा लेगा मुझको ।क़दम ऐसे अंदाज़ से उठ रहे थेकि आवाज़ देकर बुला लेगा मुझको ।कि उसने न रोका न मुझको मनायान दामन ही पकड़ा न मुझको बिठाया ।न आवाज़ ही दी न मुझको बुलायामैं आहिस्ता - आहिस्ता बढ़ती ही आई।यहाँ तक कि उससे जुदा हो गई मैंजुदा हो गई मैं, जुदा हो गई मैं ।2.कहाँ जाते हो रुक जाओ तुम्हे मेरी कसम देखोमेरे बिन चल नही पाओगेजानम दो कदम देखो3.इश्क़ जब बेहिसाब होता हैहिज्र भी लाजवाब होता More Likes This खण्ड - 01 महाराणा सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध - भूमिका द्वारा Hind Gaurav बच्चों के विकास में माता-पिता की भूमिका है? द्वारा Nitya Oswal वैवाहिक जीवन में प्रेम कैसे बना रहे? द्वारा Nitya Oswal बॉलीवुड की गुमनाम डांसर - 1 द्वारा S Sinha Childhood Friends - Episode 1 द्वारा unknownauther कुछ ज्ञान की बातें - 1 द्वारा S Sinha यह जिंदगी - 1 द्वारा anime lover अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी