Brahmashir - 3 book and story is written by Shailesh Chaudhari in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Brahmashir - 3 is also popular in Mythological Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story.
ब्रम्हशिर - पार्ट 3
Shailesh Chaudhari
द्वारा
हिंदी पौराणिक कथा
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विवरण
कालः द्वापरयुग जब पितामह ब्रह्मा ने सृष्टि का निर्माण किया तब ब्रह्मा जी ने मृत्यु का प्रावधान नहीं किया था परिणाम स्वरूप सृष्टि का विस्तार होता गया क्योंकि इस संसार में जिसने जन्म लिया उसकी मृत्यु नहीं हुई। जिससे पृथ्वी पर प्राणियों की संख्या बढ़ती गई और पृथ्वी पर भार बढ़ता गया जब पृथ्वी को यह भार असहनीय होने लगा तब पृथ्वी देवताओं को साथ लेकर महादेव जी के पास गईं और महादेव जी उनको साथ लेकर पितामह ब्रह्मा जी के पास गए और महादेव जी ने ब्रह्मा जी से कहा त्वद्भव हि जगन्नाथ एतत स्थावरजड. गम। प्रसाद्यत्वा महादेव याचाम्यावृत्तिजाः
प्रकृति मेरी अध्यक्षतामें सम्पूर्ण चराचर जगत् को रचती है। हे कुन्तीनन्दन ! इसी हेतुसे जगत् का विविध प्रकारसे परिवर्तन होता है।
महाभारत का युद्ध समा...
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