inshaan hai kaha book and story is written by BHARAT KUMAR MALI in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. inshaan hai kaha is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. कहा है इंसान ? Bharat(Raj) द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 748 2k Downloads 5.9k Views Writen by Bharat(Raj) Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कहा है इंशान ?संवेदनाओ की क्या बात करे आत्मा तक मार बैठा है इंशान, आँखों से ओझल नही हो पाती वो निर्भया कांड की न्यूज की हेडलाईने अब भी कभी बैठे बैठे एकाएक वो हादसा याद आता रूह काप उठती । कोई इंशान इतना भी हेवान कैसे हो सकता है की 8,9साल की बच्ची से रेप करता हो, जिसकी संवेदना मर चुकी हो जिंदगी जीते जीते, अब बस हड्डियों का ढाँचा रहा हो अपनी दादी सी दिखाने वाली के साथ रेप , कैसे मे कहु अब इंशान जिंदा है वो तो कब का मर गया अब तो इंशानो के रूप More Likes This फुटपाथ की ओर जीवन द्वारा Chandrika Menon इस घर में प्यार मना है - 5 द्वारा Sonam Brijwasi रामेसर की दादी - 1 द्वारा navratan birda देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana ज़िंदगी की खोज - 1 द्वारा Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 द्वारा archana अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी