Rakhi book and story is written by Devang Kori in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Rakhi is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. राखी Devang Kori द्वारा हिंदी लघुकथा 3.7k 2.6k Downloads 7.8k Views Writen by Devang Kori Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण आज इतवार है लोगों दवारा सबसे ज्यादा पसंद करने वाला दिन...आज मेरी भी छुट्टी थी...और मैं घर पर था...इस बात पे मैं इस लिए जोर डाल रहा हूं क्योंकि बहुत कम बार ऐसा हुआ है कि छुट्टी है और मैं घर पर हूं पर आप लोग सोच रहे होंगे मैं हूं कौन...?अजी क्या फर्क पड़ता है नाम में वैसे भी कुछ नहीं रखा किसी का बेटा हूं, किसी का पति हूं, किसी का भाई हूं...भाई से याद आया "राखी आने वाली है क्या सोचा है आपने...?"छोड़ो थोड़ा आराम कर लेता हूँ....पर जैसे ही आंखे बंद करी तभी ऊपर वाले कमरे More Likes This चुन्नू और मुन्नू - एक खट्टी-मीठी दोस्ती ( भाग -1) द्वारा Vishakha Pareek जग्गू - द डिटैक्टिव - 1 द्वारा Rakesh Kumar Sharma आज्ञा द्वारा Rajeev kumar पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी