Tere Ankhon ke Siva.... book and story is written by RDGSB in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Tere Ankhon ke Siva.... is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. तेरी आँखों के सिवा दुनिया मैं रखा क्या है….. RDGSB द्वारा हिंदी लघुकथा 2.6k Downloads 8.7k Views Writen by RDGSB Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रात के १२:४० हो रहे है , आँखों मैं नींद भी है और ये भी पता है की जैसे ही सोने के लिए आँखें बंद करूँगा ये नींद भाग जाएगी और फिर दिन निकलने तक करवटें बदलने का सिलसिला चलता रहेगा। आज कई दिनो बाद कुछ पुराने दोस्तों को वट्सप पर मेसिज किया है इस उमीद मैं की शायद कोई जाग रहा हो और जवाब दे दे। वैसे तो मैं रोज़ सवेरे ४,३० तक उठ जाता हूँ पर मुझे मालूम है कि आज की रात जागते जागते ही जाएगी। वैसे भी आज इतवार नही है और अगले दिन ऑफ़िस भी More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी