Gangaur book and story is written by कैप्टन धरणीधर in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Gangaur is also popular in Spiritual Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. गणगौर Captain Dharnidhar द्वारा हिंदी आध्यात्मिक कथा 8.4k 3.6k Downloads 10.3k Views Writen by Captain Dharnidhar Category आध्यात्मिक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण इस पर्व पर स्त्रियां शिव जी और गौरा की पूजा करती हैं। पूजा करते हुए दूब से पानी के छींटे देते हुए गीत गाती हैं :- गौर गौर गोमती ईसर पूजे पार्वतीपार्वती का आला-गीला , गौर का सोना का टीकाटीका दे , टमका दे , बाला रानी बरत करयोकरता करता आस आयो वास आयोखेरे खांडे लाडू आयो , लाडू ले बीरा ने दियोबीरो ले मने पाल दी , पाल को मै बरत करयोसन मन सोला , सात कचौला , ईशर गौरा दोन्यू जोड़ाजोड़ ज्वारा , गेंहू ग्यारा , राण्या पूजे राज ने , म्हे पूजा सुहाग नेराण्या को राज बढ़तो More Likes This वृक्ष वाणी : पर्यावरण सिद्धों का उदय - 1 द्वारा Prashanth B भक्त प्रह्लाद - 1 द्वारा Siya Kashyap मै मन - 1 द्वारा Vedanta Life Agyat Agyani स्वधर्म संदेश - 1 द्वारा Vedanta Life Agyat Agyani अदृश्य पीया - 12 द्वारा Sonam Brijwasi बिल्ली जो इंसान बनती थी - 3 द्वारा Sonam Brijwasi महाराणा प्रताप - अध्याय 1 द्वारा Narayan Menariya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी