Bhakta Gora Potter book and story is written by Praveen Kumrawat in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Bhakta Gora Potter is also popular in Anything in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. भक्त गोरा कुम्हार Praveen Kumrawat द्वारा हिंदी कुछ भी 6.2k 5.3k Downloads 11.4k Views Writen by Praveen Kumrawat Category कुछ भी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण भक्त गोरा कुम्हार श्रीज्ञानेश्वर के संकालीन भक्तो में उम्र में सबसे बड़े गोरा जी कुम्हार थे। इनका जन्म तेरढोकी स्थानमे संवत् १३२४ में हुआ था। इन्हें सब लोग 'चाचा' कहा करते थे। ये बड़े विरक्त दृढनिश्चय, ज्ञानी तथा प्रेमी भक्त थे। भगवन्नाम में तल्लीन होना इनका ऐसा होता था कि एक बार इनका एक नन्हा बच्चा इनके उन्मत्त नृत्य मे पैरों तले कुचल कर मर गया, पर इन्हें इसकी कुछ भी सुध न थी। इससे चिड़कर इनकी सहधर्मिणी सती ने इनसे कहा कि "अब आज से आप मुझे स्पर्श न करें।" तब से इन्होंने उन्हें स्पर्श करना सदा के लिये More Likes This अहसास की बातें - 1 द्वारा Ritu jaiswal अमृत वाणी - संत वाणी - 17 द्वारा Nitya Oswal जंगल - 43 द्वारा Neeraj Sharma खण्ड - 02 महाराणा: सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध - भाग 6 द्वारा Hind Gaurav मेंरे सुनहरे गर्मी के दिन - 1 द्वारा H.k Bhardwaj महाराणा लाखा द्वारा Vihan खण्ड - 01 महाराणा सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध - भूमिका द्वारा Hind Gaurav अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी