zindagi kya sachme gulzaar hai? book and story is written by Sadiya Mulla in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. zindagi kya sachme gulzaar hai? is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. ज़िंदगी क्या सच में गुलज़ार है? Sadiya Mulla द्वारा हिंदी लघुकथा 3.3k Downloads 10.7k Views Writen by Sadiya Mulla Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ये जो शीर्षक है, वो देखा जाए तो सवाल है मेरा हर एक से। आपके मानने से ज़िंदगी क्या है? आपका ज़िंदगी को देखने का नज़रिया केसा है? क्या आप भी इसे गुलज़ार मानते है या बस उस गाने की तरह, "जीवन हैं अगर ज़हर तो पीना ही पड़ेगा" !!! बस में बैठे बैठे नैना खिड़की के बाहर देख रही थी। आज बड़े दिन के बाद वो बस से जा रही थी। वैसे उसे बस से सफर करना पसंद नहीं था, वो भीड़ और लोगों से दूर ही रहना पसंद करती थी पर अगर window seat मिल जाए तो कोई More Likes This तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal क्या सब ठीक है - 5 द्वारा Narayan Menariya बारह बरश का इंतज़ार - 1 द्वारा kusum kumari कालू की पहाड़ी - 1 द्वारा RAAHULL SHARMA अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी