Trupti - 1 book and story is written by sach tar in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Trupti - 1 is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. Trupti - 1 sach tar द्वारा हिंदी लघुकथा 2k Downloads 6k Views Writen by sach tar Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण भारी मन से तृप्ति रिक्शे से उतरी, रेलवे स्टेशन सामने ही था। रिक्शे वाले को पैसे चुकाकर उसने अपना सामान उठाया और स्टेशन की और चल पड़ी। अभी वो दस कदम भी नहीं चल पायी थी की अनायास उसकी निगाहे सड़क की बायीं और एक पान की दुकान पर पड़ी। आसपास की तक़रीबन सारी दुकाने बंद थी बस यही एक पान की दुकान चालू थी। उस ने देखा वहा कुछ मनचले खड़े खड़े उसे ही घूर रहे थे। उनकी और ना देखते हुए तृप्ति ने निगाहे नीची रखकर पहले साड़ी के पल्लू को व्यवस्थित किया फिर तुरंत सामान उठाकर बगैर More Likes This हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai मां... हमारे अस्तित्व की पहचान - 3 द्वारा Soni shakya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी