रॉबर्ट गिल की पारो - 10 Pramila Verma द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

रॉबर्ट गिल की पारो - 10

Pramila Verma मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ

भाग 10 रॉबर्ट सामान वगैरह सहेजने लगा। ‘‘इतनी जल्दी क्या है, रॉबर्ट? पूरे पंद्रह दिन बाद तुम्हारा जहाज है।’’ ‘‘हां!’’ रॉबर्ट अचकचा गया। ‘‘ठीक कहते हो।’’ दोनों उठकर खड़े हो गए। ‘‘चलो थोड़ा टहलते हैं। अच्छा नहीं लग रहा ...और पढ़े


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