घर की मुर्गी दाल बराबर Saroj Prajapati द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

घर की मुर्गी दाल बराबर

Saroj Prajapati मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी लघुकथा

बादल घिर आए थे और किसी भी समय तेज बारिश हो सकती थी।।आस्था ने जल्दी से अपना पर्स उठाया और बाहर निकलने लगी। तभी उसकी साथी टीचर्स बोलींआस्था थोड़ी देर रुक जाओ। देखो तो बारिश होने वाली है भीग ...और पढ़े


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