Zindagi aur bata tera irada kya hai - 1 book and story is written by Dr. Kuldeep Singh Chauhan in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Zindagi aur bata tera irada kya hai - 1 is also popular in Fiction Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. जिन्दगी और बता तेरा इरादा क्या है! - 1 Dr. Kuldeep Singh Chauhan द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 744 5.7k Downloads 12.2k Views Writen by Dr. Kuldeep Singh Chauhan Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रात के दो बजे थे, ट्रेन किसी अज्ञात स्टेषन पर रूकी थी!अज्ञात शब्द का इस्तेमाल इसलिए किया था क्यांेकि यहां अन्धेरा व्याप्त था, घनघोर अन्धेरा,,शायद कोई छोटा स्टेशन होगा! हालांकि ट्रेन एक्सप्रेस थी इसके स्टाॅपेज भी बडे स्टेषन है फिर भी यहां रूक गयी थी, शायद लाईन क्लीयर नही होगी! मै प्रथम श्रेणी के डिब्बे में अपने कूपे में था, हालांकि एक कूपे में दो बर्थ होती है किन्तु दुर्भाग्य से मेरा कोई सह यात्री नही था इस लिए यात्रा काफी उबाऊ लग रही थी, किता More Likes This जागती परछाई - 3 द्वारा Shivani Paswan विलनेस का पुनर्जन्म अब बदला होगा - 1 द्वारा KahaniCraft वासना दैत्य ही वासना देव है! - 1 द्वारा Krayunastra THE PIANO MEN - 1 द्वारा rajan चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी