आँख की किरकिरी - 2 Rabindranath Tagore द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

आँख की किरकिरी - 2

Rabindranath Tagore मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी उपन्यास प्रकरण

(2) उसकी उम्र साफ-साफ कोई न बताता। सगे-संबंधी कहते, बारह-तेरह होगी। यानी चौदह-पन्द्रह होने की संभावना ही ज्यादा थी। लेकिन चूँकि दया पर चल रही थी इसलिए सहमे-से भाव ने उसके नव-यौवन के आरंभ को जब्त कर रखा था। ...और पढ़े


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