मैं भारतीयों को जानता हूं, वे मेरे मरने पर आंसू नहीं बहाएंगे Jatin Tyagi द्वारा हास्य कथाएं में हिंदी पीडीएफ

मैं भारतीयों को जानता हूं, वे मेरे मरने पर आंसू नहीं बहाएंगे

Jatin Tyagi मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी हास्य कथाएं

वह अपने अंतिम दिनों में कहा करते थे, 'हिंदुस्तान की हॉकी ख़त्म हो गई है। ख़िलाड़ियों में डिवोशन (लगन) नहीं है। जीतने का जज़्बा ख़त्म हो गया है।' अपनी मौत से दो महीने पहले उन्होंने कहा, 'जब मैं मरूंगा ...और पढ़े


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