शेष जीवन (कहानियां पार्ट 3) किशनलाल शर्मा द्वारा सामाजिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

शेष जीवन (कहानियां पार्ट 3)

किशनलाल शर्मा मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां

2--बदला"साहब है/""नही।गाज़ियाबाद गए है।रात तक लौट आएंगे।कोई काम है?"रचना ने राम दीन से पूछा था।"नही।काम तो कुछ भी नही है।साहब के नाम एक लिफाफा आया था।साहब छुट्टी पर है।मैने सोचा शायद जरूर हो इसलिए देने चला आया।""लाओ मुझे दे ...और पढ़े


अन्य रसप्रद विकल्प

-->